FEATUREDLetter Type

बैग के नाम पत्र

मेरे प्रिय बैग,

क्षमा ‌करना हमारी दोस्ती यारी इतनी तक ही। हमारे ६ सालों की यारी अब यहीं समाप्त हो रही है।तुमने मेरी खूब मदद की मेरे सारे बोझों को अपने अंदर समा लिया और कभी उफ्फ तक न की।माफ़ करना,मित्र,कई बार तो मैंने तुम पर काफी जुल्म किए,तुम पर अत्यधिक बोझ डाला।

मैंने तो तुम्हें कभी अपना दोस्त भी न समझा था,मगर,तुमने कभी मुझे नहीं छोड़ा।हर बार केवल मोची के पास तुम्हारा इलाज करवाने के लिए चलना,याद है न तुम्हें कितनी मरहम पट्टी की थी,उसने।वह भी काफी परेशान रहता था,तुम्हारे लिए। तुम्हारे सारे चैन सब उसके है। धन्यवाद ,उसका भी जिसने हमारी दोस्ती को इतने वर्षों तक कायम रखा।

करीब डेढ़ बरस पहले तुम्हें मैं छोड़ना चाहता था, क्योंकि हमारे रिश्तों में कड़वाहट भर गई थी। लेकिन, तुम्हें छोड़ने के ख्याल से ही मेरा हृदय कांप गया,वो यादें एक बार में मेरी आंखों के सामने झलकियां बनकर आ गए।

लेकिन,मित्र,तुमने अपना बलिदान दिया है मुझे, तुम्हें पता था कि मैं तुम्हें नहीं छोड़ पाता इसीलिए अब तुम ठीक नहीं हो रहे। तुम्हें यह एहसास भली-भांति हो गया है कि हमारा रिश्ता हम दोनों की गले की फांस बन गया है।
मैं तुम्हारे इस बलिदान से काफी दुःखी हूं।
मैं अपनी पीड़ा भी किसी को बता नहीं पा रहा कि मुझे तुम्हें खोकर कितनी तकलीफ़ हो रही है।
मित्र,मैं तुम्हारी भावनाओं की कद्र करता हूं, इसलिए मैंने आज एक नया मित्र ले आया हूं।तुम अब खूश होना।

आशा रहेगी की जैसा हमारा रिश्ता रहा,उससे भी अच्छा रिश्ता मेरे नए मित्र के साथ एक मजबूत दोस्ती हम दोनों के बीच रहे।

तुम्हारा साथी
प्रदीप कुमार

Tags

Pradeep Kumar

Founder, Editor-in-chief,Writer and PRO of Apna Gharaunda

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button
Close
Close