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लप्रेक : बैरिकेड

बात-बात पर, तुम, मुझे ब्लॉक कर देती हों।तुम मेरी दोस्त हो या पुलिस बैरिकेड!जो अपनी बात कहने पर…बैरिकेड लगा,रास्ता ही ब्लॉक कर देती है।

“ओफ्फो”,दोस्त मुझे है माफ कर दो।उस दिन अपने पिताजी से खफा थी,बस।और सारा गुस्सा तुमपर निकाल दिया।

कोई,बात नहीं दोस्ती! तेरा होना ही मुझे सुरक्षित महसूस कराता है।मेरे अंदर के डर को दूर करता है।और इस समाज की बुराई से बचाता है।बाकी,कोई बैरिकेड मुझे तुम तक पहुंचने से नहीं रोक सकता।मैं अपनी बात कहने के लिए, बैरिकेड फांदकर भी तुमतक पहुंच सकता हूं। तुम्हारा प्रेम ही मेरी ताकत है जो मुझे एक दिन तुमतक पहुंचा ही देगा।

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Pradeep Kumar

Founder, Editor-in-chief,Writer and PRO of Apna Gharaunda

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