Love

  • Photo of बिनती : प्रेम के सफर का एक हिस्सा

    बिनती : प्रेम के सफर का एक हिस्सा

    हम हमेशा प्रेम को ढूंढने के सफर में लगे रहते हैं। हम चाहे कितने भी आत्मनिर्भर हो। हम चाहे कितना…

    Read More »
  • दो कवियों की रचना

    ऐसा कुछ नहीं होता, खासकर के जैसा हम सोचते हैं, वैसा कुछ नहीं होता। आना-जाना, रोना-धोना रुककर चलना, चलकर रुकना…

    Read More »
  • मैं नहीं लिख सकता

    मैं नहीं लिख सकता।मेरी दोस्त,मैं तुमपर कुछ नहीं लिख सकता।एक कविता लिखनी चाही थी, मैंनेजिसमें तुम होती, तुम्हारा जिक्र होता।…

    Read More »
  • Photo of तिलिस्म-ए-झूठ

    तिलिस्म-ए-झूठ

    तिलिस्म-ए-झूठ, रचा मेरे आस-पास। पास है मेरी दोस्त, जान-ए-बहार की आस। आस है उसकी, जिसकी परछाई भी न पास। परछाई…

    Read More »
  • Photo of नक्शा

    नक्शा

    तुमने प्रेम में चलते हुए, बना दिया है एक नक्शा, जो विस्तृत है शून्य तक, जिसके ओर और छोर न…

    Read More »
Back to top button
Close
Close